वामपंथी एकता मंच साहेबगंज झारखण्ड ने सी. पी. आई. पार्टी मुख्यालय दिल्ली को भेजा पत्र
पूरे देश में कथित तौर पर विकसित भारत जी रामजी योजना में हो रहे घोटाले से वामपंथी एकता मंच ने झारखंड हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया है। इस संबंध में पत्र भेजकर जिला जज के नेतृत्व में न्यायिक जांच की मांग की गयी है।
जिले में पूर्व में हुए मस्टर रोल घोटाले की जांच के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाले कुमार कुंदन कुसुम ने कहा कि योजना में कैशबुक वाउचर नंबर कॉलम का अभाव है और यह केंद्रीय लोक निर्माण लेखा संहिता के अनुरूप नहीं है। उन्होंने बताया कि प्राक्कलन का 60 प्रतिशत लेबर मद में खर्च होना है, जिस पर कैशबुक वाउचर नंबर अंकित होना चाहिए।
कहा कि देश में कोई भी लोक निर्माण होगा तो उसका लेखा सेंट्रल पब्लिक वर्क अकाउंट कोड (सीपीडब्ल्यूए कोड) के अनुसार ही संचालित होगा, परंतु प्रयुक्त मस्टर रोल एक्ट की भावना के विपरीत है। मस्टर रोल दैनिक श्रमिकों का विहित विपत्र है।
मस्टर रोल घोटाला होते रहने से केंद्र प्रायोजित विभिन्न राष्ट्रीय ग्रामीण दैनिक रोजगार योजनाओं का उद्देश्य धरा का धरा रह गया और सारी रकम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती जा रही है। रोजगार योजनाओं का नाम बदलता रहा, लेकिन लूट की परिपाटी नहीं बदली।,

संसद में एक्ट में संशोधन कर C. P. W. A. Code form 21 MUSTER ROLL के अनिवार्य अनुपालन को बाध्यकारी बनाने की मांग
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जिला साहिबगंज (झारखण्ड ) इकाई की पहल पर बने वामपंथी एकता मंच ने भाकपा मुख्यालय, अजय भवन, नई दिल्ली को पत्र भेजकर मांग की है कि संसद में विकसित भारत जी राम जी एक्ट 2025 (Act 36 of 2025) में संशोधन प्रस्ताव लाए और जनहित में पारित करवाए ताकि लिखित रूप में सी पी डब्लू ए कोड फॉर्म 21 मस्टर रोल का अनिवार्य अनुपालन इन योजनाओं के कार्यान्वयन में बाध्यकारी हो सके।
मालूम हो कि मस्टर रोल शब्द वीबी जी राम जी एक्ट में कई जगह लिखा हुआ है पर धरातल पर लागू हुआ मस्टर रोल का पन्ना ही फर्जी है। मस्टर रोल केंद्रीय लोक निर्माण लेखा संहिता में वर्णित दैनिक श्रमिकों का विहित विपत्र प्रपत्र है जो योजनाओं के मूल अभिलेख कैशबुक में संघारित और विधिवत पारित नहीं है। पोर्टल पर जाली मस्टर रोल का पन्ना पूरे देश की ग्राम पंचायतों को दिया गया है।
सनद रहे वीबी जी राम जी एक्ट ग्रामीण दैनिक मजदूरों के रोजगार गारंटी की योजना है पर विडंबना है कि लेबर मद का खर्चा बतानेवाला मस्टर रोल कागज ही असली घोटाला है जबकि प्रमाणित मस्टर रोल ही मानव दिवस सृजन के आंकड़े बता सकता है। लम्बी अवधि से परिपाटी रूप में अरबों खरबों का यह घोटाला धृष्टता पूर्वक जारी है।
जी राम जी योजनाओं में प्रयुक्त मस्टर रोल में कैशबुक भाउचर नंबर कॉलम का ही है अभाव
ग्रामीण विकास विभाग एवं सम्बद्ध विभाग में गंभीर संगठित अपराध और जारी भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में केंद्र विफल है। योजनाओं में प्रयुक्त मस्टर रोल में कैशबुक भौचेर नंबर कॉलम का ही अभाव है। सभी लेखा संहिताएं ताक पर रख दी गयी हैं। ज्ञात हो मजदूरी भुगतान के सभी टेक्निकल तरीके बाद की चीज हैं, मस्टर रोल पहला विषय है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के इस्तीफे की मांग
मस्टर रोल घोटाला मुद्दे पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का इस्तीफा वांछनीय होता है। कार्यपालिका के भ्रष्ट अफसरों पर संसद नियंत्रण खो चुका है। प्रधानमंत्री की विकसित भारत @2047 की मंशा धरी की धरी रह गयी है।
सीबीआई ने अभियुक्तों का किया बचाव
मस्टर रोल घोटाला जनहित याचिका में सीबीआई के खिलाफ अवमानना वाद का C. Rev 90 /2024 पटना हाईकोर्ट में दाखिल है। महामहिम से याचित है कि क्यों न भ्रष्टाचार के इस राष्ट्रव्यापी मसले को प्रोटोकॉल प्रोसेस से इंटरपोल को सौंप दिया जाय?
मस्टर रोल घोटालेबाजों को फाँसी की सज़ा देने की मांग
गांवों में रोज कमाने खानेवाले उठा दिहाड़ी मजदूरों के परदेश पलायन को रोकने के लिए वर्ष 1980 से विभिन्न रोजगार योजनाओं का सृजन किया जाता रहा पर योजनाओं का नाम बदला जाता रहा किन्तु लूट की परिपाटी नहीं बदली। करीब चार दशकों से खजाने की लूट होते रहने से भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था एकदम बिगड़ गयी है। विभिन्न जनसंगठनों द्वारा समय समय पर आंदोलनों के जरिए मस्टर रोल रोजगार राशि के घोटालेबाजों के लिए फाँसी की मांग की जाती रही है।
मीडिया सारांश: अध्यादेश पारित कर महामहिम राष्ट्रपति द्वारा वीबीजी राम जी योजनाओं के गलत अनुपालन पर त्वरित रोक जनहित में लगाया जाना चाहिए ताकि राजकीय ट्रेजरी के लूट पर अविलम्ब रोक लग सके।
लेखक: पटना हाई कोर्ट में MUSTER ROLL घोटाला के जनहित याचिका कर्ता कुमार कुंदन कुसुम
CPWA Code Form 21 दैनिक श्रमिकों का विहित विपत्र प्रपत्र MUSTER ROLL का असली पन्ना जो VB G RAM G योजनाओं में भी घोटाला है






